गुरु जी की तबियत बहुत खराब थी. गुरु जी के शिष्य परेशान थे. गुरु जी के सभी शिष्य होनहार थे. सब छात्र परेशान थे कि गुरु जी के निधन के बाद दूसरा गुरु कौन होगा. जिसे गुरु जी चुनेंगे वही सबका गुरु बनेगा. आश्रम के सभी छात्र परेशान थे कि कौन अगला गुरु बनेगा लेकिन इन बातों से एक छात्र बिलकुल अनजान था. वह आराम से बैठा शराब पी रहा था. गुरु जी का अंत समय निकट आया तो उन्होंने कमरे के अंदर से ही ऐलान किया कि जो शराबी शिष्य है वही गुरु बनेगा. गुरु की बात सुनकर सभी शिष्य परेशान हो उठे. वे भागते-भागते गुरु जी के निकट आए और इस फैसले की वजह पूछने लगे. उन्होंने कहा कि जब एक से बढ़कर एक शिष्य हैं तो गद्दी शराबी को क्यों? आगे क्या हुआ जानने के लिए देखें संजय सिन्हा की कहानी के इस खास कार्यक्रम में.from आज तक | http://bit.ly/2QqsmmX
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